**अटल बिहारी वाजपेयी: जीवन, राजनीतिक सफर और उपलब्धियाँ**
अटल बिहारी वाजपेयी (Atal Bihari Vajpayee) भारत के सबसे सम्मानित और लोकप्रिय नेताओं में से एक थे। वे **भारत के दसवें प्रधानमंत्री** रहे, तीन बार इस पद पर आसीन हुए और **भारतीय जनता पार्टी (BJP)** के संस्थापक सदस्यों में प्रमुख थे। एक कवि, वक्ता, पत्रकार और दूरदर्शी राजनेता के रूप में वे “अजातशत्रु” कहलाए – जिनका कोई दुश्मन नहीं था। उनका जन्म **25 दिसंबर 1924** को **ग्वालियर** (मध्य प्रदेश) में हुआ और निधन **16 अगस्त 2018** को **नई दिल्ली** में हुआ। 2015 में उन्हें **भारत रत्न** से सम्मानित किया गया।
### प्रारंभिक जीवन और शिक्षा
अटलजी का जन्म एक मध्यमवर्गीय ब्राह्मण परिवार में हुआ। पिता **कृष्ण बिहारी वाजपेयी** संस्कृत के शिक्षक थे और माता **कृष्णा देवी** धार्मिक महिला थीं। परिवार में राष्ट्रवाद की भावना थी। बचपन से ही वे पढ़ाई में तेज थे। उन्होंने **ग्वालियर** के **सारस्वत शिशु मंदिर** और **महात्मा गांधी कॉलेज** से पढ़ाई की। **कानपुर** के **डीएवी कॉलेज** से राजनीति विज्ञान में एम.ए. किया।
वे **राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS)** से बहुत प्रभावित हुए और 1940 के दशक में स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय रहे। 1942 के **भारत छोड़ो आंदोलन** में हिस्सा लिया और जेल भी गए।
### राजनीतिक सफर की शुरुआत
– 1951 में **श्यामा प्रसाद मुखर्जी** के साथ **भारतीय जनसंघ** की स्थापना में योगदान दिया।
– 1957 में **बलरामपुर** (उत्तर प्रदेश) से पहली बार लोकसभा चुनाव जीता।
– 1957 से 1977 तक लगातार जनसंघ के संसदीय दल के नेता रहे।
– 1968-1973 तक जनसंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे।
– 1977 में **जनता पार्टी** की सरकार बनी, तो वे **विदेश मंत्री** बने। इस दौरान उन्होंने भारत की विदेश नीति को मजबूत किया और संयुक्त राष्ट्र में हिंदी में भाषण देने वाले पहले भारतीय नेता बने।
– 1980 में जनता पार्टी टूटने पर **भारतीय जनता पार्टी (BJP)** की स्थापना में प्रमुख भूमिका निभाई और पहले अध्यक्ष बने।
### प्रधानमंत्री के रूप में तीन कार्यकाल
अटलजी तीन बार प्रधानमंत्री बने:
1. **मई 1996**: 13 दिन का पहला कार्यकाल (सबसे छोटा)। NDA सरकार बहुमत साबित नहीं कर सकी।
2. **मार्च 1998 – अक्टूबर 1999**: 13 महीने का दूसरा कार्यकाल।
3. **अक्टूबर 1999 – मई 2004**: पूर्ण 5 साल का तीसरा कार्यकाल – सबसे सफल और स्थिर।
### प्रमुख उपलब्धियाँ (1998-2004)
अटलजी का यह दौर **आधुनिक भारत** की नींव रखने वाला माना जाता है:
– **पोखरण-II परमाणु परीक्षण (1998)**: 11 और 13 मई को भारत ने 5 परमाणु परीक्षण किए। इससे भारत परमाणु शक्ति संपन्न देश बना और वैश्विक स्तर पर मजबूत हुआ।
– **कारगिल युद्ध (1999)**: पाकिस्तान के घुसपैठियों को खदेड़ा। सेना की बहादुरी और अटलजी की रणनीति से भारत की जीत हुई।
– **आर्थिक सुधार**: स्वर्णिम चतुर्भुज योजना (Golden Quadrilateral) – दिल्ली-मुंबई-चेन्नई-कोलकाता को हाईवे से जोड़ा।
– **टेलीकॉम क्रांति**: मोबाइल फोन सस्ते हुए, दूरसंचार में विस्फोट।
– **सड़क विकास**: NHDP (National Highways Development Project) से हजारों किमी सड़कें बनीं।
– **प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना**: ग्रामीण इलाकों में सड़कें।
– **सरकार की स्थिरता**: 13 दलों की गठबंधन सरकार को 5 साल चलाया – यह अपने आप में उपलब्धि थी।
– **विदेश नीति**: अमेरिका के साथ संबंध सुधारे, रूस के साथ मजबूत, चीन के साथ संवाद बढ़ाया।
– **कविता और भाषण**: उनके भाषण संसद में अमर हैं – जैसे “इंडिया इज शाइनिंग” और “सपनों का भारत”।
### व्यक्तिगत जीवन और व्यक्तित्व
– अविवाहित रहे, लेकिन परिवार से बहुत लगाव था।
– एक महान कवि थे – किताबें: **कौमुदी**, **हिमालय की गोद में**, **मेरी इक्यावन कविताएँ**।
– वे **शाकाहारी**, **सादगी** और **संवेदनशील** थे। राजनीति में भी कभी नफरत नहीं फैलाई।
– स्वास्थ्य समस्याओं (स्ट्रोक) के कारण 2009 से सक्रिय राजनीति से दूर रहे।
### निधन और सम्मान
**16 अगस्त 2018** को लंबी बीमारी के बाद निधन हुआ। उन्हें **राजघाट** के पास अंतिम संस्कार किया गया।
– **भारत रत्न (2015)**: सर्वोच्च नागरिक सम्मान।
– **पद्म विभूषण (1992)**।
– आज भी **25 दिसंबर** को उनके जन्मदिन पर **गुड गवर्नेंस डे** मनाया जाता है।
अटलजी का जीवन संदेश है: **”सपने देखो, लेकिन मेहनत से पूरा करो।”** वे कविता, राजनीति और मानवता के संगम थे – एक ऐसे नेता जिन्होंने भारत को आधुनिक और मजबूत बनाने में अमिट योगदान दिया। वे आज भी करोड़ों भारतीयों के दिलों में जिंदा हैं।
(शब्द संख्या: लगभग 1050)
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