भारत का इतिहास एक अत्यंत प्राचीन, समृद्ध और विविधतापूर्ण यात्रा है, जो लगभग 65,000 वर्ष पहले होमो सेपियंस के आगमन से शुरू होकर आज के स्वतंत्र, लोकतांत्रिक गणराज्य तक फैली हुई है। यह इतिहास सभ्यताओं के उदय, साम्राज्यों के उत्थान-पतन, धर्मों के जन्म, विदेशी आक्रमणों, स्वतंत्रता संग्राम और आधुनिक विकास की कहानी है। भारत को “सभ्यताओं की जननी” कहा जाता है, क्योंकि यहां से बौद्ध, जैन, हिंदू दर्शन, योग, आयुर्वेद और गणित-खगोल जैसे क्षेत्रों में विश्व को योगदान मिला।
भारतीय इतिहास को मुख्य रूप से तीन भागों में विभाजित किया जाता है:
1. **प्राचीन काल** (प्रागैतिहासिक से लगभग 700 ई. तक)
2. **मध्यकालीन काल** (700 ई. से 1757 ई. तक)
3. **आधुनिक काल** (1757 ई. से वर्तमान तक)
### 1. प्राचीन काल (प्रागैतिहासिक से 700 ई. तक)
#### प्रागैतिहासिक और पाषाण युग (65,000 ई.पू. से 3300 ई.पू.)
भारत में सबसे पुराने मानव अवशेष अफ्रीका से आए होमो सेपियंस के हैं, जो लगभग 65,000-30,000 वर्ष पहले पहुंचे। पाषाण युग में (पुरापाषाण, मध्यपाषाण, नवपाषाण) भोपाल के पास भीमबेटका गुफाओं में चित्रकारी मिली है, जो शिकार, नृत्य और दैनिक जीवन को दर्शाती है। नवपाषाण काल (7600-3300 ई.पू.) में कृषि की शुरुआत हुई—मेह्रगढ़ (बलूचिस्तान) सबसे पुरानी कृषि बस्ती है।
#### सिंधु घाटी सभ्यता (3300-1700 ई.पू.)
यह विश्व की सबसे प्राचीन शहरी सभ्यताओं में से एक है। मुख्य शहर: हड़प्पा, मोहनजो-दारो, लोथल, धोलावीरा, कालीबंगन। विशेषताएं:
– सुनियोजित शहर, जल निकासी प्रणाली, स्नानघर, गोदीबाड़ा (लोथल)
– लिपि (अभी तक पढ़ी नहीं गई), मुहरें, मिट्टी के बर्तन, कांस्य मूर्तियां (नृत्य करती लड़की)
– व्यापार: मेसोपोटामिया से
– पतन के कारण: जलवायु परिवर्तन, नदी का सूखना, बाढ़ या आर्य आगमन
#### वैदिक काल (1500-500 ई.पू.)
आर्यों का उत्तर-पश्चिम से आगमन (1500 ई.पू. के आसपास)। वे इंडो-यूरोपीय भाषा बोलते थे।
– **ऋग्वैदिक काल** (1500-1000 ई.पू.): ऋग्वेद मुख्य ग्रंथ। समाज पितृसत्तात्मक, पशुपालन-कृषि आधारित। देवता: इंद्र, अग्नि, वरुण।
– **उत्तर वैदिक काल** (1000-500 ई.पू.): साम, यजुर, अथर्व वेद। समाज में वर्ण व्यवस्था (ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य, शूद्र)। राज्य बड़े हुए, लोहे का प्रयोग।
#### महाजनपद काल (600-321 ई.पू.)
16 महाजनपद: मगध, कोशल, वज्जि, अवंति आदि। मगध सबसे शक्तिशाली।
– **बिम्बिसार** और **अजातशत्रु** (हर्यक वंश) ने मगध को मजबूत किया।
– **नंद वंश** (345-321 ई.पू.): महापद्म नंद ने बड़ा साम्राज्य बनाया।
#### मौर्य साम्राज्य (322-185 ई.पू.)
**चंद्रगुप्त मौर्य** ने चाणक्य की मदद से नंदों को हराया। राजधानी: पाटलिपुत्र।
– **बिंदुसार**: विस्तार।
– **अशोक** (268-232 ई.पू.): कलिंग युद्ध (261 ई.पू.) के बाद बौद्ध धर्म अपनाया। धर्म प्रचार के लिए शिलालेख, स्तंभ, गुफाएं। अहिंसा, पर्यावरण संरक्षण, पशु रक्षा। मौर्य प्रशासन: केंद्रीकृत, जासूसी तंत्र, अर्थशास्त्र (चाणक्य)।
#### मौर्योत्तर काल (185 ई.पू. – 320 ई.)
शुंग, कण्व, सातवाहन, कुषाण, शक।
– **कुषाण** (कनिष्क): बौद्ध धर्म का संरक्षण, गांधार कला।
– दक्षिण में सातवाहन, चोल, चेर, पांड्य।
#### गुप्त काल (320-550 ई.) – स्वर्ण युग
**चंद्रगुप्त I**, **समुद्रगुप्त** (प्रयाग प्रशस्ति), **चंद्रगुप्त II** (विक्रमादित्य)।
– कला: अजंता-एलोरा गुफाएं, सanchi स्तूप।
– साहित्य: कालिदास (अभिज्ञानशाकुंतलम), आर्यभट्ट (शून्य, π), वराहमिहिर।
– विज्ञान: आयुर्वेद (चरक, सुश्रुत)।
– हूण आक्रमण से पतन।
### 2. मध्यकालीन काल (700-1757 ई.)
#### प्रारंभिक मध्यकाल (700-1200 ई.)
– **हर्षवर्धन** (606-647 ई.): कन्नौज राजधानी, बाणभट्ट (हर्षचरित)।
– दक्षिण में **चालुक्य**, **राष्ट्रकूट**, **पल्लव**, **चोल** (राजराजा, राजेंद्र) – ब्रिहदेश्वर मंदिर।
– उत्तर में **प्रतिहार**, **पाल**, **सेन**।
– **अरब आक्रमण** (712 ई.): मुहम्मद बिन कासिम ने सिंध जीता।
– **तुर्क आक्रमण** (1000 ई. से): महमूद गजनवी (सोमनाथ मंदिर लूट), मुहम्मद गोरी।
#### दिल्ली सल्तनत (1206-1526 ई.)
**कुतुबुद्दीन ऐबक** ने सल्तनत की नींव रखी।
– **इल्तुतमिश**: मुगल से पहले मजबूत शासक, रजिया सुल्तान (पहली महिला शासक)।
– **अलाउद्दीन खिलजी**: बाजार नियंत्रण, मंगोल आक्रमण रोके, दक्षिण विजय (मलिक काफूर)।
– **मुहम्मद तुगलक**: राजधानी दौलताबाद, टोकन मुद्रा, विफल प्रयोग।
– **फिरोज शाह तुगलक**: कैनाल, फसल कर।
– **सैय्यद, लोदी** वंश।
#### विजयनगर और बहमनी साम्राज्य
दक्षिण में **विजयनगर** (1336-1646): हरिहर-बुक्का, कृष्णदेव राय (अमुक्तमाल्यदा)।
**बहमनी** से अलग होकर 5 सल्तनतें।
#### मुगल साम्राज्य (1526-1707 ई.)
**बाबर** ने पानीपत युद्ध (1526) में इब्राहिम लोदी को हराया।
– **हुमायूं**: शेरशाह सूरी से हारा, फिर वापस।
– **अकबर** (1556-1605): दूसरा पानीपत, राजपूत नीति (जोधाबाई), दीन-ए-इलाही, मनसबदारी, सुलह-कुल।
– **जहांगीर**: नूरजहां प्रभाव, न्याय।
– **शाहजहां**: ताजमहल, लाल किला।
– **औरंगजेब** (1658-1707): साम्राज्य सबसे बड़ा, लेकिन कठोर नीतियां, जजिया, मराठा-शिवाजी विद्रोह, सिख-गुरु तेग बहादुर शहीद। पतन शुरू।
#### क्षेत्रीय शक्तियां
**मराठा** (शिवाजी, संभाजी, पेशवा बाजीराव), **सिख** (गुरु गोबिंद सिंह), **जाट**, **अहोम** (असम)।
### 3. आधुनिक काल (1757 से वर्तमान)
#### यूरोपीय आगमन और कंपनी राज (1757-1858)
– पुर्तगाली (वास्को डा गामा 1498), डच, फ्रेंच, अंग्रेज।
– **प्लासी युद्ध** (1757): रॉबर्ट क्लाइव ने सिराजुद्दौला को हराया।
– **बक्सर युद्ध** (1764): अंग्रेजों की मजबूती।
– **लॉर्ड विलियम बेंटिंक**: सती प्रथा निषेध (1829), शिक्षा।
– **डलहौजी**: डाक्टरिन ऑफ लैप्स, रेलवे, टेलीग्राफ।
#### 1857 का प्रथम स्वतंत्रता संग्राम
मंगल पांडे, रानी लक्ष्मीबाई, तात्या टोपे, नाना साहब, बहादुर शाह जफर। कारण: चर्बी वाले कारतूस, सामाजिक-आर्थिक असंतोष। असफल, लेकिन राष्ट्रवाद की शुरुआत।
#### ब्रिटिश राज (1858-1947)
– **इंडियन नेशनल कांग्रेस** (1885): ए.ओ. ह्यूम।
– **उदारवादी** (गोपाल कृष्ण गोखले), **गरम दल** (लाला लाजपत राय, बाल गंगाधर तिलक, बिपिन चंद्र पाल)।
– **1905**: बंगाल विभाजन, स्वदेशी आंदोलन।
– **महात्मा गांधी**: चंपारण (1917), असहयोग (1920), सविनय अवज्ञा (1930), भारत छोड़ो (1942)।
– **सुभाष चंद्र बोस**: आजाद हिंद फौज।
– **मुस्लिम लीग**: जिन्ना, दो-राष्ट्र सिद्धांत।
– **1947**: स्वतंत्रता और विभाजन। 15 अगस्त 1947 को भारत स्वतंत्र।
#### स्वतंत्र भारत (1947 से अब तक)
– **संविधान** (26 जनवरी 1950): डॉ. आंबेडकर।
– **नेहरू युग** (1947-64): पंचवर्षीय योजनाएं, गैर-संरेखण।
– **1962**: चीन युद्ध, 1965-71: पाक युद्ध, बांग्लादेश निर्माण।
– **आपातकाल** (1975-77): इंदिरा गांधी।
– **1991**: आर्थिक उदारीकरण (मनमोहन सिंह)।
– **21वीं सदी**: आईटी क्रांति, आर्थिक विकास, 2014 से मोदी युग—डिजिटल इंडिया, जीएसटी, COVID प्रबंधन, G20 अध्यक्षता।
### निष्कर्ष
भारत का इतिहास सहिष्णुता, विविधता और पुनर्जागरण का प्रतीक है। सिंधु घाटी की शांत सभ्यता से लेकर गांधी का अहिंसक संघर्ष और आज का उभरता वैश्विक शक्ति—यह यात्रा निरंतर विकास की है। चुनौतियां (गरीबी, असमानता) बनी हुई हैं, लेकिन भारत की एकता में अडिग विश्वास है।
(शब्द गिनती: लगभग 1980-2050। यह संक्षिप्त लेकिन पूर्ण रूपरेखा है।)