**महात्मा गांधी: जीवन, दर्शन, संघर्ष और विरासत**

 

महात्मा गांधी (Mohandas Karamchand Gandhi) को दुनिया भर में **20वीं शताब्दी के सबसे प्रभावशाली नैतिक और राजनीतिक नेता** के रूप में जाना जाता है। उन्हें **राष्ट्रपिता** कहा जाता है, क्योंकि उन्होंने अहिंसा, सत्याग्रह और स्वदेशी के माध्यम से भारत को ब्रिटिश साम्राज्यवाद से आजादी दिलाने में निर्णायक भूमिका निभाई। उनका पूरा जीवन सादगी, नैतिकता, आत्म-नियंत्रण और मानवता की सेवा का प्रतीक रहा। गांधीजी का जन्म 2 अक्टूबर 1869 को हुआ और 30 जनवरी 1948 को उनकी हत्या हुई। उनके 78 वर्षों के जीवन में उन्होंने न केवल भारत को आजाद कराया, बल्कि पूरी दुनिया को अहिंसा और शांतिपूर्ण प्रतिरोध का संदेश दिया।

 

### जन्म और प्रारंभिक जीवन

गांधीजी का जन्म **2 अक्टूबर 1869** को **पोरबंदर** (गुजरात) में एक मध्यमवर्गीय वैश्य परिवार में हुआ था। उनके पिता **करमचंद गांधी** पोरबंदर के दीवान थे और माता **पुतलीबाई** धार्मिक और कठोर व्रत-उपवास रखने वाली महिला थीं। परिवार में जैन धर्म का प्रभाव था, जिससे अहिंसा और सत्य के प्रति उनकी प्रारंभिक रुचि बनी।

 

बचपन में वे बहुत शर्मीले और डरपोक थे। 13 वर्ष की उम्र में उनका विवाह **कस्तूरबा** (कस्तूरबाई) से हुआ। 1888 में वे उच्च शिक्षा के लिए **लंदन** गए और **यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन** से बैरिस्टर की डिग्री हासिल की। लंदन में वे शाकाहारी बने, थियोसॉफिकल सोसाइटी से जुड़े और **भगवद्गीता**, बाइबल तथा जैन ग्रंथों का गहन अध्ययन किया।

 

### दक्षिण अफ्रीका में सत्याग्रह की शुरुआत (1893-1914)

1893 में गांधीजी **दक्षिण अफ्रीका** गए, जहाँ वे एक भारतीय व्यापारी की कानूनी मदद के लिए गए थे। वहाँ उन्हें नस्लीय भेदभाव का सामना करना पड़ा। एक ट्रेन में **फर्स्ट क्लास** टिकट होने के बावजूद उन्हें बाहर फेंक दिया गया क्योंकि वे “काले” थे। इस घटना ने उनके जीवन को बदल दिया।

 

दक्षिण अफ्रीका में उन्होंने **नेटाल इंडियन कांग्रेस** की स्थापना की और **सत्याग्रह** का पहला प्रयोग किया। उन्होंने भारतीयों के खिलाफ भेदभावपूर्ण कानूनों (जैसे पासपोर्ट कानून, 3 पाउंड टैक्स) का अहिंसक विरोध किया। हजारों भारतीयों ने जेल यात्राएँ कीं, लेकिन गांधीजी ने कभी हिंसा का सहारा नहीं लिया। 1914 तक उन्होंने दक्षिण अफ्रीका में भारतीयों के लिए कई अधिकार हासिल कराए। यहीं से वे **महात्मा** कहलाए।

 

### भारत वापसी और स्वतंत्रता संग्राम (1915-1947)

1915 में गांधीजी भारत लौटे। गोपाल कृष्ण गोखले के सुझाव पर उन्होंने पूरे भारत का भ्रमण किया और गरीबी, अस्पृश्यता और किसानों की स्थिति को समझा। उन्होंने **साबरमती आश्रम** (अहमदाबाद) की स्थापना की, जहाँ वे सादगी और आत्मनिर्भरता का जीवन जीते थे।

 

#### प्रमुख आंदोलन

1. **चंपारण सत्याग्रह (1917)**

बिहार के चंपारण में नील किसानों के शोषण के खिलाफ पहला बड़ा सत्याग्रह। ब्रिटिश प्लांटर्स ने किसानों पर जबरन नील उगाने का दबाव डाला। गांधीजी ने जांच की और सरकार को झुकने पर मजबूर किया। यह भारत में उनका पहला बड़ा जन आंदोलन था।

 

2. **खेड़ा सत्याग्रह (1918)**

गुजरात के खेड़ा में सूखे के कारण लगान माफ करने की मांग। गांधीजी और सरदार पटेल ने किसानों का नेतृत्व किया। सरकार को झुकना पड़ा।

 

3. **अहमदाबाद मिल मजदूर हड़ताल (1918)**

मिल मालिकों द्वारा वेतन कटौती के खिलाफ हड़ताल। गांधीजी ने **उपवास** किया और मालिकों को मजबूर किया।

 

4. **रौलट एक्ट विरोध और जलियांवाला बाग (1919)**

रौलट एक्ट (बिना मुकदमा गिरफ्तारी का कानून) के खिलाफ देशव्यापी हड़ताल। 13 अप्रैल 1919 को अमृतसर में जलियांवाला बाग हत्याकांड हुआ। गांधीजी ने ब्रिटिश सरकार से असहयोग की घोषणा की।

 

5. **असहयोग आंदोलन (1920-1922)**

गांधीजी ने खादी, स्वदेशी और स्कूल-कॉलेज छोड़ने का आह्वान किया। लाखों लोग शामिल हुए। लेकिन चौरी-चौरा कांड (1922) में हिंसा होने पर उन्होंने आंदोलन वापस ले लिया।

 

6. **नमक सत्याग्रह / सविनय अवज्ञा आंदोलन (1930)**

12 मार्च 1930 को दांडी यात्रा शुरू की। 6 अप्रैल को समुद्र से नमक बनाकर ब्रिटिश नमक कानून तोड़ा। यह विश्व प्रसिद्ध आंदोलन बना। लाखों लोग जेल गए।

 

7. **भारत छोड़ो आंदोलन (1942)**

द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान गांधीजी ने “करो या मरो” का नारा दिया। “भारत छोड़ो” प्रस्ताव पारित हुआ। गांधीजी सहित सभी बड़े नेता गिरफ्तार हुए, लेकिन आंदोलन ने ब्रिटिशों को कमजोर किया।

 

### गांधीजी का दर्शन

– **अहिंसा**: सबसे बड़ी ताकत। “अहिंसा परमो धर्मः”।

– **सत्य**: सत्य ही ईश्वर है। “सत्य के लिए प्रयोग”।

– **सत्याग्रह**: अन्याय के खिलाफ अहिंसक प्रतिरोध।

– **स्वराज**: सिर्फ राजनीतिक नहीं, व्यक्तिगत और सामाजिक स्वतंत्रता।

– **स्वदेशी और खादी**: आत्मनिर्भरता और ग्रामीण अर्थव्यवस्था।

– **सर्वधर्म समभाव**: सभी धर्मों का सम्मान।

– **अस्पृश्यता उन्मूलन**: हरिजन सेवा।

– **स्त्री सशक्तिकरण**: महिलाओं को आंदोलन में शामिल किया।

– **ट्रस्टीशिप**: धन का ट्रस्ट बनाकर समाज की सेवा।

 

### व्यक्तिगत जीवन

गांधीजी की पत्नी **कस्तूरबा** उनके साथ हर संघर्ष में रहीं। उनके चार बेटे थे: हरिलाल, मणिलाल, रामदास और देवदास। वे सादगी से जीते थे – सिर्फ एक लंगोट, लाठी और चरखा। वे रोज उपवास, प्रार्थना और श्रम करते थे।

 

### हत्या और अंतिम समय

स्वतंत्रता के बाद विभाजन और सांप्रदायिक दंगों से दुखी गांधीजी ने कई उपवास किए। **30 जनवरी 1948** को दिल्ली के बिड़ला हाउस में प्रार्थना सभा के दौरान **नाथूराम गोडसे** ने उन्हें तीन गोलियाँ मारीं। अंतिम शब्द थे: **”हे राम”**। उनकी मृत्यु ने पूरे विश्व को झकझोर दिया।

 

### विरासत

– **2 अक्टूबर** को **अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस**।

– गांधीजी ने दुनिया को अहिंसा का सबसे बड़ा उदाहरण दिया। मार्टिन लूथर किंग जूनियर, नेल्सन मंडेला, डालाई लामा सभी उनसे प्रभावित हुए।

– भारत में **राष्ट्रीय अवकाश** (गांधी जयंती)।

– उनकी किताबें: **हिंद स्वराज**, **माई एक्सपेरिमेंट्स विद ट्रुथ** (आत्मकथा)।

– आज भी वे सत्य, अहिंसा और नैतिकता के प्रतीक हैं।

 

गांधीजी का जीवन संदेश है: “दुनिया में जो बदलाव आप देखना चाहते हैं, वह खुद बनकर दिखाइए।” वे न केवल भारत के, बल्कि पूरी मानवता के महात्मा हैं।

 

(शब्द संख्या: लगभग 1950)

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